डाबर इंडिया| Dabur India

डाबर इंडिया कंपनी प्रोफाइल, इतिहास, प्रोडक्ट, सहायक कंपनियां, चेयरमैन, नेटवर्थ, शेयर होल्डिंग, डिविडेंड और अधिक (Dabur India company details in hindi)

डाबर इंडिया लिमिटेड भारत की एक पुरानी और भरोसेमंद कंपनी है, जो 1884 में स्थापित हुई थी। यह कंपनी आयुर्वेदिक उत्पादों और घरेलू उपयोग की चीजों का निर्माण करती है। डाबर के उत्पाद जैसे च्यवनप्राश, शहद और अन्य रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें बहुत लोकप्रिय हैं। कंपनी ने अपनी गुणवत्ता और परंपरा के दम पर न सिर्फ भारत में, बल्कि 100 से अधिक देशों में भी अपनी खास पहचान बनाई है।

कंपनी प्रोफाइल (Profile)

नाम डाबर इंडिया लिमिटेड (Dabur India Ltd)
इंडस्ट्री FMCG
शुरुवात की तारीख 1884
मुख्य लोग मोहित बर्मन (Chairman)
मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र
स्टॉक एक्सचेंज BSE :500096, NSE :DABUR
मार्किट कैप (Market Cap) ₹89,057 करोड़
राजस्व (Revenue) ₹13,113 करोड़ (वित्त वर्ष2025)
कुल संपत्ति (Total Asset) ₹11,005.47 करोड़ (वित्त वर्ष2025)
नेटवर्थ (Net Worth) ₹11,210 करोड़ (वित्त वर्ष2025)
वेबसाइट daburshop.com

कंपनी के बारे में (About Company)

डाबर इंडिया लिमिटेड भारत की प्रमुख FMCG कंपनी है, जिसकी स्थापना 1884 में डॉ. एस. के. बर्मन ने गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में की थी। यह कंपनी आयुर्वेद आधारित और रोजमर्रा में उपयोग होने वाले उपभोक्ता उत्पादों के लिए जानी जाती है। इसके मुख्य व्यवसाय क्षेत्र ग्राहक देखभाल (घर की देखभाल, व्यक्तिगत देखभाल और स्वास्थ्य देखभाल), खाद्य उत्पाद जैसे जूस, पेय और मसाले, खुदरा व्यापार, ग्वार गम और फार्मा उत्पादों का निर्माण हैं। डाबर का FMCG पोर्टफोलियो विविध और बड़े उपभोक्ता आधार को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
डाबर के उत्पाद बालों, त्वचा, दांतों, घर की सफाई और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर केंद्रित हैं। इसके लोकप्रिय ब्रांडों में डाबर च्यवनप्राश, डाबर हनी, पुदीनहरा, डाबर लाल तेल, रीयल फ्रूट जूस और डाबर होममेड मसाले शामिल हैं। साथ ही ओडोनिल, ओडोमोस, डाबर बादाम तेल और रुमेटिल ऑयल जैसे FMCG उत्पाद भी घर-घर में उपयोग होते हैं। कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा ग्राहक देखभाल श्रेणी से आता है, जबकि खाद्य-पेय उत्पाद और अंतरराष्ट्रीय व्यापार इसके FMCG व्यवसाय की मजबूती बढ़ाते हैं। डाबर ने भारत समेत 100 से अधिक देशों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

डाबर इंडिया का इतिहास (Dabur History)

  • 1884 में, डॉ. एस. के. बर्मन ने कोलकाता में एक महत्वपूर्ण संस्थान की स्थापना की, जो उनकी दूरदृष्टि और कार्यक्षमता का प्रतीक बन गया।
  • 1896 में, गढ़िया में पहली उत्पादन इकाई की नींव रखी गई, जो स्थानीय उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।
  • 1919 में, पहली शोध और विकास इकाई की शुरुआत की गई, जिसने नए आविष्कार और तकनीकी सुधार में अहम भूमिका निभाई।
  • 1930 में, आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्माण में सुधार और स्वचालन की शुरुआत हुई।
  • 1936 में, डॉ. एस.के. बर्मन ने डाबर को एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पर पंजीकरण कराया, जो जल्द ही भारतीय बाजार में महत्वपूर्ण पहचान बनाने लगी।
  • 1940 में, कंपनी ने आंवला हेयर ऑयल पेश किया, जो आयुर्वेदिक देखभाल को लोकप्रिय बनाकर भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला हेयर ऑयल बन गया।
  • 1949 में, डाबर ने च्यवनप्राश को टिन पैक में पेश किया, जो भारत का पहला ब्रांडेड च्यवनप्राश बना और आयुर्वेदिक उत्पादों की लोकप्रियता में इजाफा किया।
  • 1970 में, कंपनी ने ग्रामीण बाजारों के लिए लाल दंत मंजन पेश किया, जिससे लोगों को किफायती और हर्बल दांतों की देखभाल का विकल्प मिला।
  • 16 सितंबर 1975 को कंपनी को “विशाल केमिकल (इंडिया) लिमिटेड” के नाम से पंजीकरण मिला, जो ग्वारगम पाउडर और उसके उत्पादों का निर्माण करने लगी।
  • 1978 में, कंपनी ने हाजमोला टैबलेट पेश किया, जो पाचन सुधार के लिए एक स्वादिष्ट और प्रभावी आयुर्वेदिक उत्पाद बन गया।
  • 1979 में, साहिबाबाद में एक आधुनिक हर्बल औषधि संयंत्र स्थापित किया गया, जहां व्यावसायिक उत्पादन की प्रक्रिया शुरू हुई।
  • 1981 में, कंपनी ने अलवर, राजस्थान में ग्वारगम पाउडर और उसके उत्पादों के निर्माण के लिए एक नई इकाई स्थापित की।
  • 1984 में, कंपनी ने अपने 100 साल पूरे किए, जो भारतीय व्यापार जगत में इसके सफ़लता और समृद्धि का अहम मोड़ था।
  • 1989 में, डाबर ने हाजमोला कैंडी पेश की, जो आयुर्वेदिक पाचन को बच्चों के लिए स्वादिष्ट और मजेदार बना दिया।
  • 1992 में, कंपनी ने ‘अनमोल’ नाम से नारियल तेल की एक नई श्रृंखला बाजार में उतारी, जो अपने शुद्धता और असरदार गुणों के लिए जल्दी ही लोकप्रिय हो गई।
  • 1994 में, डाबर ने ‘डेंटाकेयर’, ‘वाटिका’ और ‘लैक्टोनिक’ जैसे नए उत्पाद लॉन्च किए, जिन्हें बाजार में शानदार प्रतिक्रिया मिली और वे तेजी से लोकप्रिय हो गए।
  • 1997 में, कंपनी ने अपने पुराने ब्रांड ‘पुदीनहारा’ को फिर से मजबूत बनाने के लिए एक नया प्रचार अभियान शुरू किया।
  • 2000 में, कंपनी ने ‘नेचर केयर’ ब्रांड के तहत सादा इसबगोल भूसी पेश की।
  • 2009 में, कंपनी ने ओडोमोस नैचुरल्स लॉन्च किया, जिसमें एलो वेरा और सिट्रोनेला से बने मच्छर निरोधक क्रीम और लोशन शामिल थे।
  • 2010 में, कंपनी ने च्यवनप्राश के ऑरेंज और मैंगो फ्लेवर वेरिएंट्स पेश किए, जो स्वाद और सेहत का बेहतरीन संयोजन बन गए।
  • 2011 में, डाबर ने ऑक्सीलाइफ प्रोफेशनल फेशियल किट लॉन्च कर पेशेवर त्वचा देखभाल क्षेत्र में कदम रखा।
  • 2013 में, कंपनी ने रियल एक्टिव ब्रांड के तहत दही पेय का परिचय दिया और साथ ही अपनी त्वचा देखभाल रेंज में ऑक्सी लाइफ जेल ब्लीच को शामिल किया।
  • 2017 में, डाबर इंडिया ने आयुर्वेदिक उत्पादों के लिए अमेज़न के साथ साझेदारी की, ताकि सभी प्रमुख ब्रांड्स ऑनलाइन उपलब्ध हो सकें।
  • 2020 में, कंपनी ने केरल में डाबर केराटेक्स नामक आयुर्वेदिक हेयर ऑयल लॉन्च किया, जो बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए प्राकृतिक तत्वों से तैयार किया गया था।
  • 2022 में, कंपनी ने रियल हेल्थ पीनट बटर की नई रेंज लॉन्च की, जिससे अपने पोर्टफोलियो को और विस्तारित किया और सेहतमंद विकल्पों की पेशकश की।

डाबर इंडिया की सहायक कंपनियां (Subsidiaries)

डाबर रिसर्च फाउंडेशन (Dabur Research Foundation)

डाबर रिसर्च फाउंडेशन (डीआरएफ) की स्थापना 1979 में डाबर कंपनी द्वारा आयुर्वेदिक दवाओं और स्वास्थ्य उत्पादों के शोध और विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। यह संगठन आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान को जोड़कर नई स्वास्थ्य, कल्याण और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों का निर्माण करता है। डीआरएफ का मुख्य उद्देश्य हर्बल उपचारों का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करना और उन्हें प्रमाणित करना है। यह हर्बल दवाइयों, न्यूट्रास्यूटिकल्स और अन्य उपभोक्ता उत्पादों के लिए गहन शोध करता है, जिससे डाबर के उत्पादों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में सुधार होता है। साथ ही, यह वैश्विक स्तर पर अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर नवीनतम तकनीकों और जैव प्रौद्योगिकी पर काम करता है।

अवीवा इंडिया (Aviva India)

अवीवा इंडिया एक प्रमुख भारतीय जीवन बीमा कंपनी है, जो ब्रिटेन की अवीवा पीएलसी और भारत के डाबर ग्रुप के बीच साझेदारी के तहत 2002 में स्थापित हुई। यह कंपनी जीवन बीमा, पेंशन योजनाएं, स्वास्थ्य बीमा और निवेश उत्पादों की एक व्यापक रेंज भारतीय उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराती है। हाल के वर्षों में, अवीवा इंडिया ने अपने उत्पादों और सेवाओं को ग्राहकों के लिए और भी आसान बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफार्मों का इस्तेमाल बढ़ाया है। इसके अंतर्गत अवीवा आई-लाइफ, अवीवा हेल्थ सिक्योर और अवीवा आई-शील्ड जैसे उत्पाद शामिल हैं, जो ग्राहकों को सरल तरीके से बीमा खरीदने और समझने की सुविधा प्रदान करते हैं।

प्रोडक्ट/सर्विस (Product/Service)

दाबर इंडिया एक प्रसिद्ध ब्रांड है, जो आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उत्पाद बनाता है। इसके उत्पाद सेहत, सुंदरता और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बेहतर बनाते हैं। यहां दाबर के कुछ प्रमुख और लोकप्रिय उत्पादों की सूची दी गई है।

  1. हेल्थ केयर प्रोडक्ट
    • दाबर च्यवनप्राश
    • दाबर शहद
    • दाबर ग्लूकोज डी
    • दाबर पुडिन हरा
    • दाबर अश्वगंधा
    • दाबर त्रिफला
    • दाबर सत्त इसबगोल
  1. पर्सनल केयर प्रोडक्ट
    • दाबर आंवला हेयर ऑयल
    • दाबर वटीका हेयर ऑयल
    • दाबर रेड टूथपेस्ट
    • दाबर मेस्वाक टूथपेस्ट
    • दाबर हनी फेस वॉश
    • दाबर फेम ब्लीच
    • दाबर गुलाबरी गुलाब जल
    • दाबर सैंडलवुड साबुन
    • दाबर मुल्तानी मिट्टी फेस पैक
    • दाबर बादाम हेयर ऑयल
  1. होम केयर प्रोडक्ट
    • दाबर ओडोनिल (एयर फ्रेशनर)
    • दाबर फिनाइल
    • दाबर दांत रक्षक माउथवाश
  1. फ़ूड & बेवरीज
    • दाबर रियल फ्रूट जूस
    • दाबर होममेड (अचार, सॉस, पेस्ट)
    • दाबर अनारदाना (अनार)
    • दाबर जीरा पाउडर
    • दाबर इमली पेस्ट
  1. स्कीन & हेयर केयर
    • दाबर बादाम हेयर ऑयल
    • दाबर आंवला शैम्पू
    • दाबर वटीका नेचुरल्स हेयर ऑयल
    • दाबर स्किन केयर क्रीम
    • दाबर पुरा फेस वॉश
    • दाबर गुलाबरी गुलाब जल
  1. बेबी केयर प्रोडक्ट
    • दाबर बेबी मसाज ऑयल
    • दाबर बेबी साबुन
    • दाबर बेबी शैम्पू
  1. आयुर्वेदिक प्रोडक्ट
    • दाबर ब्राह्मी आंवला हेयर ऑयल
    • दाबर अनमोल आयुर्वेदिक ऑयल
    • दाबर सिंहनाद गुग्गुल
    • दाबर मधुनाशिनी टैबलेट्स

शेयर होल्डिंग (Shareholding Pattern)

सितंबर 2025 में कंपनी की शेयरहोल्डिंग संरचना लगभग स्थिर रही, जहाँ प्रमोटरों ने 66.22% हिस्सेदारी के साथ अपना मज़बूत नियंत्रण बनाए रखा। विदेशी निवेशकों की भागीदारी घटकर 10.89% पर आ गई, जबकि घरेलू संस्थाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 9.36% हो गई। इसी अवधि में म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी बढ़कर 8.04% पर पहुंची। खुदरा और अन्य छोटे निवेशकों की हिस्सेदारी थोड़ी कम होकर 5.50% रह गई, जिससे साफ दिखता है कि सितंबर 2025 में नियंत्रण का बड़ा हिस्सा अब भी प्रमोटरों और संस्थागत निवेशकों के पास रहा।

All values in % Sep-25 Jun-25 Mar-25
Promoter 66.22 66.22 66.27
Foreign institution 10.89 11.85 12.68
Other domestic institutions 9.36 9.22 9.45
Mutual funds 8.04 7.02 6.23
Retail and other 5.50 5.70 5.36

 

Dabur India Dividend History

घोषणा तिथि एक्स-डिविडेंड तिथि डिविडेंड प्रकार डिविडेंड (₹)
23 अक्टूबर 2025 07 नवंबर 2025 अंतरिम 2.75
07 मई 2025 18 जुलाई 2025 अंतिम 5.25
17 अक्टूबर 2024 08 नवंबर 2024 अंतरिम 2.75
02 मई 2024 19 जुलाई 2024 अंतिम 2.75
25 अक्टूबर 2023 10 नवंबर 2023 अंतरिम 2.75
04 मई 2023 21 जुलाई 2023 अंतिम 2.70
19 अक्टूबर 2022 03 नवंबर 2022 अंतरिम 2.50
05 मई 2022 21 जुलाई 2022 अंतिम 2.70
30 सितंबर 2021 11 नवंबर 2021 अंतरिम 2.50
07 मई 2021 29 जुलाई 2021 अंतिम 3.00

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

डाबर इंडस्ट्रीज का मालिक कौन है?

डाबर कंपनी बुरमन परिवार की है, जिसे 1884 में डॉक्टर बर्मन ने शुरू किया था। आज भी उनका खानदान इस बड़े आयुर्वेदिक कारोबार को चला रहा है।

डाबर कंपनी के कितने प्रोडक्ट हैं?

डाबर कंपनी बनाती है 200 से ज्यादा आयुर्वेदिक चीजें – च्यवनप्राश से लेकर हर्बल टूथपेस्ट तक। ये सभी उत्पाद भारत के करोड़ों घरों में इस्तेमाल होते हैं।

 

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