एचएफसीएल लिमिटेड | HFCL Limited

एचएफसीएल लिमिटेड कंपनी प्रोफाइल, इतिहास, सहायक कंपनियाँ, उत्पाद, संचालन, अधिग्रहण, चैयरमेन, नेटवर्थ, CEO, शेयर होल्डिंग और अधिक (HFCL Limited company details in hindi)

एचएफसीएल लिमिटेड (HFCL) एक भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह कंपनी दूरसंचार कंपनियों, सरकारी संस्थानों और अन्य बड़े संगठनों के लिए डिजिटल नेटवर्क बनाने में माहिर है। HFCL भारत में फाइबर ऑप्टिकल केबल, ऑप्टिकल फाइबर, 5G ट्रांसपोर्ट प्रोडक्ट्स, 5G रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) प्रोडक्ट्स, अनलाइसेंड बैंड रेडियो, WiFi सिस्टम, राउटर, स्विच और सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो जैसी सेवाएं प्रदान करती है।

कंपनी प्रोफाइल (Profile)

नाम एचएफसीएल लिमिटेड (HFCL Limited)
इंडस्ट्री टेक्नोलॉजी कंपनी
शुरुवात की तारीख 1987
मुख्य लोग महेंद्र नाहटा (MD & CEO)
मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा
स्टॉक एक्सचेंज BSE :500183, NSE :HFCL
मार्किट कैप (Market Cap) ₹10,159 करोड़
राजस्व (Revenue) ₹4,122 करोड़ (वित्त वर्ष2025)
कुल संपत्ति (Total Asset) ₹7,178.94 करोड़ (वित्त वर्ष2025)
नेटवर्थ (Net Worth) ₹4,119 करोड़ (वित्त वर्ष2025)
वेबसाइट hfcl.com

कंपनी के बारे में (About Company)

एचएफसीएल लिमिटेड एक भारतीय टेलीकॉम कंपनी है, जिसे महेंद्र नाहटा ने 1987 में शुरू किया था। इसका मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में स्थित है। कंपनी टेलीकॉम से जुड़े प्रोडक्ट्स और सर्विसेज देती है, जैसे ऑप्टिकल फाइबर केबल, ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और ब्रॉडबैंड डिवाइसेज।

कंपनी की शुरुआत महेंद्र नाहटा, डॉ. दीपक मल्होत्रा और विनय मालू ने की। उस समय यह कंपनी देश की पहली प्राइवेट सेक्टर टेलीकॉम कंपनी थी और मई 1987 में इसे हिमाचल प्रदेश में पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में शामिल किया गया था। कंपनी रेलवे, होमलैंड सिक्योरिटी, स्मार्ट सिटी और डिफेंस में एडवांस डेवलपमेंट पर ध्यान केंद्रित करती है।

एचएफसीएल लिमिटेड का इतिहास (History)

  • हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस लिमिटेड की शुरुआत 1987 को महेंद्र नाहटा, दीपक मल्होत्रा और विनय मालू ने की। मई 1987 को इसे हिमाचल प्रदेश स्थित पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में पंजीकृत किया गया।
  • 1991 को कंपनी ने हिमाचल क्षेत्र में दो नई इकाइयों की शुरुआत की। एक इकाई सोलन स्थित डिजिटल माइक्रोवेव उपकरण तैयार करती थी, जबकि दूसरी ने प्रमुख शहरों हेतु रेडियो पेजिंग नेटवर्क स्थापित किया।
  • 1994 को नए उत्पादों के विकास हेतु एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया गया, जिसमें डिजिटल माइक्रोवेव रेडियो, रिले रेडियो, सेलुलर हैंडसेट और फाइबर ऑप्टिक उपकरण शामिल थे।
  • 1996 को उत्पाद श्रृंखला का विस्तार करते हुए 7 से 23 गीगाहर्ट्ज़ तक के सेल्युलर रेडियो और 2 MB से 16 x 2 MB तक के डेटा रेट प्रस्तावित किए गए।
  • 1997 को HFCL देश की पहली सेल्यूलर फोन निर्माता कंपनी बनी।
  • 1998 को टेलीकॉम सॉफ्टवेयर समाधान पर फोकस करने हेतु एक नया विभाग शुरू किया गया।
  • 1999 को दिल्ली स्थित एक टेलीकॉम कंपनी से तमिलनाडु हेतु इंटरनेट बैकबोन बिछाने का अनुबंध प्राप्त हुआ।
  • 2000 को विदेशी इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों से देश स्तर पर निर्माण संयंत्र स्थापित करने को लेकर बातचीत शुरू हुई।
  • 2001 को HFCL इन्फोटेल ने पंजाब सरकार के साथ ई-गवर्नेंस हेतु निजी नेटवर्क स्थापित करने का समझौता किया।
  • 2005 को रिलायंस इन्फोकॉम के साथ 450 करोड़ रुपये का समझौता हुआ।
  • 2006 को मोनाटा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड में 4 मिलियन रुपये निवेश की मंजूरी दी गई, जिससे वह पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन सके।
  • 2012 को 4जी लॉन्च से जुड़ी रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी की खबरों पर कंपनी ने स्पष्टीकरण दिया।
  • 2018 को तेलंगाना राज्य हेतु ऑप्टिकल फाइबर निर्माण परियोजना शुरू की गई, जिसका प्लांट महेश्वरम, रंगारेड्डी जिले में प्रस्तावित रहा।
  • 2019 को कंपनी का नाम बदलकर हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस लिमिटेड से एचएफसीएल लिमिटेड कर दिया गया।
  • 16 दिसंबर 2020 से हैदराबाद स्थित नई फाइबर केबल निर्माण सुविधा ने काम शुरू किया, जो घरेलू उपयोग हेतु ऑप्टिकल फाइबर केबल तैयार कर रही है।
  • 2021 को नए डुअल बैंड वाई-फाई 6 उत्पाद लॉन्च किए गए, जो वाई-फाई 5 श्रृंखला के साथ संगत हैं; इसके लिए क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज के साथ सहयोग किया गया।
  • 2022 को 5जी आउटडोर स्मॉल सेल के विकास हेतु क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी हुई, साथ ही वाई-फाई 7 का पहला ओपन सोर्स एक्सेस प्वाइंट भी पेश किया गया।

संचालन

HFCL का मुख्यालय गुरुग्राम में है, जबकि इसके प्रोडक्शन प्लांट सोलन (हिमाचल प्रदेश), चेन्नई (तमिलनाडु) और गोवा जैसे स्थानों पर स्थित हैं। इसके अलावा कंपनी के रीजनल ऑफिस राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, केरल, उत्तराखंड और झारखंड सहित देश के कई राज्यों तक फैले हुए हैं।

प्रोडक्ट / सर्विस

फाइबर ऑप्टिक्स

  • ऑप्टिकल फाइबर केबल्स
  • मइक्रोडक्ट केबल अडवाईजर
  • ऑप्टिकल फाइबर

दूरसंचार (Telecommunication)

  • Unlicensed Band Backhaul Radios
  • वाई-फ़ाई एक्सेस पॉइंट
  • राउटर्स
  • मैनेज्ड स्विचेस
  • एंटेना
  • नेटवर्क मैनेजमेंट सलूशन
  • 5G प्रोडक्ट पोर्टफोलियो

रक्षा उत्पाद (Defence Products)

  • इलेक्ट्रॉनिक फ़्यूज़
  • इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स
  • हाई कैपेसिटी रेडियो रिले
  • सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियोज
  • ग्राउंड निगरानी रडार

निष्क्रिय नेटवर्किंग घटक (Passive Networking Components)

  • हाई डेंसिटी कैबिनेट्स
  • जॉइंट क्लोसूरेस
  • ऑप्टिकल स्प्लिंटर्स
  • एरियल केबल एक्सेसरीज
  • फाइबर ऑप्टिक केबल अस्सेम्ब्लीज़
  • कॉपर केबल अस्सेम्ब्लीज़

एचएफसीएल ग्राहकों की सूची (HFCL Clients list)

HFCL अपने प्रोडक्ट्स को अफ्रीका, यूरोप और एशिया के साथ-साथ 30 से ज्यादा देशों में निर्यात करती है। एचएफसीएल के प्रमुख ग्राहक में शामिल हैं:

  • रिलायंस जियो
  • भारती एयरटेल
  • बीएसएनएल
  • एल एंड टी
  • टी सी आई एल

संयुक्त उद्यम (joint venture)

  • 1994 में, एचएफसीएल लिमिटेड ने ऑस्ट्रेलिया की एक्सिकॉन्स के साथ मिलकर Exicon तकनीक का उपयोग कर टेलीकॉम उपकरण बनाए और भारत में बेचे।
  • 2000 में, कंपनी ने पब्लिशिंग एंड ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड के साथ मिलकर एक नई कंपनी बनाई, जिसका नाम HFCL-नाइन ब्रॉडकास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड रखा गया।
  • 2000 में, कंसोलिडेटेड प्रेस होल्डिंग्स ने स्टेमकोर के साथ मिलकर एक नया व्यापार शुरू किया है। यह नया वेंचर, आईस्टील इंडिया, एक बिजनेस-टू-बिजनेस स्टील मार्केटप्लेस होगा। इसमें दुनिया के सबसे बड़े इस्पात व्यापारियों में से iSteelAsia भी शामिल है।
  • हिमाचलफ्यूचर और ड्रैगनवेव इंक. ने 2010 में मिलकर एक नया वेंचर शुरू करने के लिए समझौता किया है।

अधिग्रहण

  • 1994 में, कंपनी ने कालदेव को खरीदा और इसका नाम एचएफसीएल ट्रेड इन्वेस्ट लिमिटेड रखा। साथ ही, कूबंडगे कंस्ट्रक्शन (दिल्ली) लिमिटेड को भी शामिल किया और हिमाचल टेलीमैटिक्स लिमिटेड को जोड़ने का प्रस्ताव रखा।
  • 2000 में, कंपनी के प्रमोटरों ने 38 लाख शेयरों को खरीदा। यह शेयर IVRCL इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के थे, जो एक प्रमुख निर्माण कंपनी है और ज्यादातर पश्चिमी और उत्तरी भारत में सक्रिय है।
  • 2019 में, एचएफसीएल लिमिटेड ने ड्रैगनवेव एचएफसीएल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 10% शेयर खरीद लिए, जिससे यह पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई।
  • 2021 में, एचएफसीएल लिमिटेड ने बताया कि उसने निम्पा टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड में हिस्सेदारी खरीदी है।

शेयर होल्डिंग (HFCL Shareholding Pattern)

सितंबर 2025 में एचएफसीएल की शेयरहोल्डिंग में खुदरा व अन्य निवेशकों की हिस्सेदारी 48.93%, प्रमोटरों की 30.02%, म्यूचुअल फंड्स की 11.86%, विदेशी संस्थाओं की 7.48% और अन्य घरेलू संस्थाओं की 1.72% रही, जो मार्च 2025 की तुलना में सभी श्रेणियों में हल्के उतार-चढ़ाव को दर्शाती है।

All values in % Sep-25 Jun-25 Mar-25
Retail and other 48.93 46.64 45.40
Promoter 30.02 31.58 34.37
Mutual funds 11.86 12.32 11.57
Foreign institution 7.48 7.76 6.97
Other domestic institutions 1.72 1.71 1.69

HFCL Ltd Dividend History

📅 घोषणा की तारीख (Announcement Date) 📆 Ex-Dividend Date 🏷️ प्रकार (Type) 💰 डिविडेंड (रु.)
03 मई 2024 23 सितम्बर 2024 Final 0.20
08 मई 2023 22 सितम्बर 2023 Final 0.20
29 अप्रैल 2022 22 सितम्बर 2022 Final 0.18
10 मई 2021 22 सितम्बर 2021 Final 0.15
16 मई 2019 19 सितम्बर 2019 Final 0.10
03 मई 2018 19 सितम्बर 2018 Final 0.06

सहायक कंपनियां (Subsidiaries)

  • मोनेटा फाइनेंस लिमिटेड
  • एचटिएल लिमिटेड
  • एचएफसीएल आईएनसी
  • एचएफसीएल एडवांस सिस्टम
  • ड्रैगनवेव एचएफसीएल लिमिटेड
  • पॉलिक्सेल सिक्योरिटी सिस्टम
  • एचएफसीएल बी वि
  • माइक्रोवेव कम्युनिकेशन

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